आगामी संवाद युवा संवाद · एपिसोड 03
युवाओं की अगुवाई में एक नीति संवाद
अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर
युवा आवाज़ें। असली बातचीत। मज़बूत भारत।
श्री असीम अरुण के साथ एक संवाद — इस पर कि युवा एक अधिक समावेशी, संवेदनशील और भविष्य के लिए तैयार भारत को कैसे गढ़ सकते हैं।
- सुशासन
- सामाजिक विकास
- नागरिक भागीदारी
- तारीख़
- मंगलवार, 15 सितंबर 2026
- समय
- 12:00 अपराह्न से आगे
- स्थान
- भागीदारी भवन, लखनऊ
इस संवाद के लिए पंजीकरण बंद हो चुका है।
अगले एपिसोड की घोषणा यहीं और युवा संवाद पेज पर की जाएगी। अगर आप अगली बार उस कमरे में रहना चाहते हैं, या अपने संस्थान में संवाद कराना चाहते हैं, तो हमें बताइए — हम आपको ख़बर करते रहेंगे।

भारत का भविष्य उसके युवाओं के सपनों, विचारों और भागीदारी से गढ़ा जाएगा।
यह दोपहर देने लायक क्यों है
-
उसी कमरे में सवाल पूछिए
अपना सवाल सीधे उस व्यक्ति से पूछिए जो फ़ैसला लेता है — किसी फ़ॉर्म या कमेंट बॉक्स से नहीं।
-
अपना सुझाव दर्ज कराइए
हर युवानीति संवाद दर्ज किया जाता है, और वहाँ कही गई बात कमरे में मौजूद विभागों और संस्थानों तक पहुँचती है।
-
बाक़ी लोगों से मिलिए
पिछले संस्करणों में लखनऊ के 30 से अधिक संस्थानों के 500 से ज़्यादा युवा एक साथ आए।
-
आगे क्या होता है, देखिए
दरवाज़े पर ख़त्म हो जाने वाला संवाद सिर्फ़ भाषण है। यह संवाद ऐसे नतीजों पर ख़त्म होता है जिनका जवाब देना पड़ता है।
यह संवाद है क्या
अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर एपिसोड 03 युवाओं, नीति-निर्माताओं और ज़मीन पर काम करने वालों को एक कमरे में लाता है — सुशासन, सामाजिक विकास और नागरिक भागीदारी पर एक कामकाजी बातचीत के लिए।
आप यहाँ सवाल पूछने आते हैं, अपनी बात दर्ज कराने आते हैं, और ऐसा विचार लेकर लौटते हैं जो उस कमरे से आगे जाता है। सीटें सीमित हैं और भागीदारी चयन के आधार पर है — इसी से कमरा इतना छोटा रहता है कि हर मौजूद व्यक्ति बोल सके।
बात किन विषयों पर होगी
- सुशासन
- अधिक जवाबदेह और पारदर्शी व्यवस्थाएँ बनाना।
- सामाजिक विकास
- ऐसे अवसर बनाना जो सब तक पहुँचें।
- नागरिक भागीदारी
- जागरूकता से अमल तक।
यह आपके लिए है, अगर आप
- समझना चाहते हैं कि नीति असल में बनती कैसे है
- अपनी बात ऐसे व्यक्ति तक पहुँचाना चाहते हैं जो उस पर अमल कर सके
- काम की बात करने वालों से नहीं, काम करने वालों से सीखना चाहते हैं
- ऐसे साथी खोज रहे हैं जो इसे उतनी ही गंभीरता से लेते हों
- उत्तर प्रदेश के आगे के विकास का हिस्सा बनना चाहते हैं
बातचीत जिनसे होगी

श्री असीम अरुण
- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), समाज कल्याण तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण
- उत्तर प्रदेश सरकार
- पूर्व आईपीएस अधिकारी
एक लोकसेवक और पूर्व आईपीएस अधिकारी, श्री असीम अरुण ने समाज कल्याण, समावेशी विकास और नागरिक भागीदारी से जुड़े कामों की अगुवाई की है। एपिसोड 03 युवाओं को उस व्यक्ति से सीधी बातचीत का मौका देता है जो ज़मीन पर यह नीति गढ़ रहे हैं।
लोकतंत्र तब सबसे मज़बूत होता है जब युवा सिर्फ़ बोलते नहीं, बल्कि भाग लेते हैं, सवाल करते हैं और साथ मिलकर काम करते हैं।
पिछले दो संस्करणों से
दो संस्करण, 500 से ज़्यादा युवा, 30 से अधिक संस्थान। कमरा कुछ ऐसा दिखता है।
इस संवाद के लिए पंजीकरण बंद हो चुका है।
अगले एपिसोड की घोषणा यहीं और युवा संवाद पेज पर की जाएगी। अगर आप अगली बार उस कमरे में रहना चाहते हैं, या अपने संस्थान में संवाद कराना चाहते हैं, तो हमें बताइए — हम आपको ख़बर करते रहेंगे।



